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पृथà¥à¤µà¥€ पर किसी à¤à¥€ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिठसबसे बà¥à¥€ खà¥à¤¶à¥€ का कà¥à¤·à¤£ वह होता है जब वो अपनी संतान को जनà¥à¤® के बाद सबसे पहले अपनी गोद में उठाता है। इसके विपरीत सबसे बड़ी तकलीफ का समय वह होता है जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने नवजात की खाने की इचà¥à¤›à¤¾ कम होती दिखाई देती है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• माता-पिता अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ , शिकà¥à¤·à¤¾ और पोषण देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते हैं जिससे उनका ननà¥à¤¹à¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के रूप में विकसित हो सके। यही कारण है की जो यà¥à¤—ल पहली बार माता-पिता के रूप में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ होते हैं तो अपने बचà¥à¤šà¥‡ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से à¤à¥‹à¤œà¤¨ करवाने के लिठअपनी नींद और खाने-पीने का तà¥à¤¯à¤¾à¤— तो कर देते हैं। यदि आपका छोटा बचà¥à¤šà¤¾ सामानà¥à¤¯ से कम खाना खा रहा है तो यह निशà¥à¤šà¤¯ की किसी परेशानी का सूचक हो सकता है जिसे आप किसी à¤à¥€ मूलà¥à¤¯ पर नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥‚ख न लगने के 7 कारण और उनसे बचाव के उपाय बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¥‚ख न लगने के 7 कारण और उनसे बचाव के उपाय आपकी सहायता के लिठबताठजा रहे हैं :
1 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥‚ख न लगने के 7 कारण
1.1 दाà¤à¤¤ निकालना :
1.2 तरल पदारà¥à¤¥ की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ :
1.3 संकà¥à¤°à¤®à¤£ :
1.4 गरम मौसम:
1.5 खाने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€:
1.6 खराब गला:
1.7 विकास होना:
1.7.1 आराधना पांडे
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आरà¥à¤—ेनिक . à¤à¥žà¤à¤¸à¤à¤¸à¤à¤†à¤ˆ सरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ . à¤à¤¨à¤à¤¬à¥€à¤à¤² लैब सरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡
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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥‚ख न लगने के 7 कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥‚ख न लगने के 7 कारण और उनसे बचाव के उपाय
दाà¤à¤¤ निकालना :
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• माता-पिता को अतà¥à¤²à¤¨à¥€à¤¯ खà¥à¤¶à¥€ देता है, उसी पà¥à¤°à¤•ार उसका विकास और बड़ा होना उस खà¥à¤¶à¥€ को बà¥à¤¾ देता है। अà¤à¥€ आपने अपने नवजात के जनà¥à¤® के पल को à¤à¥à¤²à¤¾ à¤à¥€ नहीं पाये की उसके छोटे से मà¥à¤‚ह में ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सफ़ेद दाà¤à¤¤ चमकने लगते हैं और उसकी मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¹à¤Ÿ दंत विहीन नहीं रह जाती है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख पर असर होता है और पहले के मà¥à¥˜à¤¾à¤¬à¤²à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ कम à¤à¥‹à¤œà¤¨ की इचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤•ट करने लगते हैं। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण यह à¤à¥€ होता है की जब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दाà¤à¤¤ निकलने शà¥à¤°à¥‚ होते हैं तो उनके मसूड़ों में बैचेनी और दरà¥à¤¦ à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। सामानà¥à¤¯ रूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के 4 से 7 माह की अवसà¥à¤¥à¤¾ के बीच में दाà¤à¤¤ निकालने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। इस समय बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मसूड़ों के दरà¥à¤¦ में आराम देने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वो खिलौने दें, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वो मà¥à¤‚ह में रख कर चबा सकते हों। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने में ठंडी चीजें जैसे दही और मसले हà¥à¤ फल दिये जा सकते हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ और बोतल से दूध पीने में बचà¥à¤šà¥‡ तकलीफ महसूस कर सकते हैं इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कप और चमà¥à¤®à¤š से दूध पिलाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
तरल पदारà¥à¤¥ की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ :
t और जूस का सेवन अधिक पसंद करते हैं। à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में वो ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿ दिखाते हैं। जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ छह माह का होता है तो उसके शरीर में पानी की कमी, उसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिठजाने वाले दूध से ही पूरी हो जाती है। इसलिठयदि इसके अतिरिकà¥à¤¤ पानी या कोई तरल पदारà¥à¤¥ दिया जाता है तो इससे उसके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या बोतल के दूध से मिलने वाले पोषण को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है। इससे बचà¥à¤šà¤¾ हर समय à¤à¤°à¥‡ पेट की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से à¤à¤°à¤¾ रहता है और वो ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठअरà¥à¤šà¤¿ दिखाता है और इस पà¥à¤°à¤•ार उसकी à¤à¥‚ख में कमी हो जाती है।
संकà¥à¤°à¤®à¤£ :
हवा (वायरल)या विषाणॠ(बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) संकà¥à¤°à¤®à¤£ (इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨) के कारण कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से मना कर देते हैं। फà¥à¤²à¥‚, कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस (छाती में संकà¥à¤°à¤®à¤£) के कारण दरà¥à¤¦ और तेज सांस की परेशानी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाने और सोने में तकलीफ देतीं हैं। इसलिठजब आपको लगे की आपका बचà¥à¤šà¤¾ खाने में अरà¥à¤šà¤¿ दिखा रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त शिशॠविशेषजà¥à¤ž से संपरà¥à¤• करके यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लें की सामानà¥à¤¯ बीमारियों के ज़रूरी टीकाकरन पूरा हà¥à¤† है या नहीं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चà¥à¤ª कवाने के लिठदिये जाने वाले मà¥à¤‚ह के खिलौने (Pacifiers) का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‚ंकी 33% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इसके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है।
गरम मौसम:
गरà¥à¤®à¥€ का मौसम वयसà¥à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को परेशान कर देता है और छोटे बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ इसका अपवाद नहीं है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤®à¥€ के कारण बचà¥à¤šà¥‡ चिड़चिड़े हो जाते हैं, शरीर पर लाल निशान उà¤à¤° आते हैं और खाने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿ हो जाती है। अगर यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अधिक बॠजाती है तो शरीर में पानी की कमी à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठयह बहà¥à¤¤ जरूरी है की आप इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें की आपके बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बराबर बनी रहे और उसे गरà¥à¤®à¥€ से बचाने के लिठउसके कमरे का तापमान ठंडा बना रहे। गरà¥à¤®à¥€ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हलà¥à¤•े और सूती कपड़े पहनाà¤à¤ जिससे वो उनके शरीर पर चिपके नहीं। अगर यह सब करने के बाद à¤à¥€ आपका बचà¥à¤šà¤¾ खाना खाने में परेशानी कर रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त किसी चिकटीसक से सलाह करें।
खाने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€:
कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाने की कà¥à¤› चीजों जैसे दूध, अंडा, मूà¤à¤—फली, सोया आदि से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है। जिसके कारण बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में गैस बनने की शिकायत, खà¥à¤œà¤²à¥€, उलà¥à¤Ÿà¥€ होना, दसà¥à¤¤ होना या à¤à¥‚ख खतम होने की शिकायत हो सकती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप यह पता करें की आपके बचà¥à¤šà¥‡ को खाने की किस चीज से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की परेशानी हà¥à¤ˆ है और उसके बाद उसे पूरी तरह से छोड़ दें। यदि आपके लाडले को दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो गई है तो उसे फारà¥à¤®à¥‚ला दूध जो दूध दे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले बचà¥à¤šà¥‡ पी सकते हैं,दे दीजिये। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में à¤à¥€ आराम आà¤à¤—ा और उनकी à¤à¥‚ख à¤à¥€ खà¥à¤² जाà¤à¤—ी।
खराब गला:
जब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का गला खराब हो या किसी पà¥à¤°à¤•ार का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ वो लगातार रोते हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› à¤à¥€ गले की नीचे उतारने में परेशानी हो सकती है और इस कारण उनकी à¤à¥‚ख कम हो जाती है। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ के खराब गले के साथ ही बà¥à¤–ार और गले में लिमà¥à¥ž नोडà¥à¤¸ सूजे हà¥à¤ हैं तो तà¥à¤°à¤‚त सलाह के लिठचिकितà¥à¤¸à¤• के पास जाà¤à¤ जिससे बचà¥à¤šà¥‡ के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की परेशानी को दूर किया जा सके और उसकी à¤à¥‚ख को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ किया जा सके।
आपको बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के कà¥à¤°à¤® के बारे में पता होना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¤¾ आप जानतीं हैं की बचà¥à¤šà¥‡ शà¥à¤°à¥‚ के छह माह में तेजी से बà¥à¤¤à¥‡ हैं और उसके बाद छह से बारह महीने की अवधि में विकास की गति धीमी हो जाती है। इसके बाद के छह महीने अथारà¥à¤¥ अठारह महीने तक विकास और धीमी गति से होता है। इसीलिठयह हो सकता है की बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख जो उसके दस महीने की आयॠमें थी वो इस समय न हो, इस समय शरीर की कैलोरी की आवशà¥à¤¯à¤•ता में à¤à¥€ अंतर आ जाता है। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ की पोषण संबंधी जरूरतों के लिठसमय-समय पर अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह मशविरा करते रहें।
कà¤à¥€ à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤à¥€ खाना खिलाने का या उनके गले के नीचे उतारने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करें। à¤à¤¸à¤¾ करने पर किसी समय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी परेशानी खड़ी हो सकती है। नवजात शिशॠको à¤à¥‹à¤œà¤¨ करवाते समय बहà¥à¤¤ धैरà¥à¤¯ और नरà¥à¤® वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की जरूरत होती है। यहाठबताई गई बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें। जैसे-जैसे आपका बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा होता है उसे à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नयी चीजों का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ धीरे-धीरे ही दें। लेकिन उससे पहले अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह जरूर कर लें। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का खाना शà¥à¤¦à¥à¤§ हो।
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